UNIVERSE KE BAARE ME BRAHMAND KYA HAI BRAHMAND KI KHOJ IN HINDI ब्रह्माण्ड की जानकारी[ हिंदी में ]


  • ब्रह्माण्ड की जानकारी हिंदी में ब्रह्माण्ड की खोज ABOUT UNIVERSE KI KHOJ

  • भूगोल एक ऐसा स्वतंत्र विषय बना हुआ है जिसका उद्देश्य लोगों को विश्व का आकाशीय पिंडों सफल जीव जंतु वनस्पति  महासागरों और भूधरातल स्थल के हिस्सों में देखी जाने वाली प्रत्येक अन्य वस्तुओं का ज्ञान करना है 


  • भूगोल वह विज्ञान का हिस्सा है जिसमें पृथ्वी को पूर्ण रूप से स्वतंत्र ग्रह के रूप में मान्यता मिली है उसके सारे लक्षण घटनाओं और उसके सारे संबंध का अध्ययन किया जाता है
  • भूगोल में धरती की उस बात का अध्ययन किया जाना है जो कि मानव के रहने का स्थान होता है

ब्रह्मांड के बारे में

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  • द्रव्य  और उर्जा के सम्मिलित रूप को ब्रह्मांड का नाम दिया गया है
  • ब्रह्मांड की खोज किस तरीके से हुई इसके बारे में कुछ सिद्धांत निम्न प्रकार से दिए गए हैं

  • दोलन सिद्धांत
  • स्थिति सिद्धांत

महाविस्फोट सिद्धांत के अनुसार



  • शुरू में वे सब पदार्थ जिन्हें ब्रह्मांड बनाया है बहुत ही छोटे एकाकी परमाणु के सूक्ष्म रूप में एक स्थान पर स्थित था जल का आयतन बहुत ही सूक्ष्म और तापमान तथा गंतव्य बहुत ज्यादा था


  • विज्ञानिक को विश्वास है कि महाविस्फोट की घटना आज से 13.7 अरब साल पहले हुई थी महाविस्फोट के लगभग 10 पॉइंट 5 अरब साल पश्चात जो आज से 4 पॉइंट 5 साल पूर्व सौरमंडल का विकास हुआ जिसमें ग्रोहो और उपग्रोहो का निर्माण हुआ
  • ब्रह्मांड के उलझन को जानने के लिए 2010 में यूरोपियन सेंटर 40 क्लियर रिसर्च ने जिनेवा में पृथ्वी की सतह से 50 से 175 मीटर नीचे 27 पॉइंट 36 किलोमीटर लंबी सुरंग में लार्ज हैड्रॉन क्लोज़र नामक बहुत बड़ा सफलतापूर्वक प्रयोग किया गया था सितंबर 2008 में यह महाप्रयोग किसी कारण असफल रह गया था

मंदाकिनी


  • आकाश में तारों की एक ऐसी समूह जो बिल्कुल धुंधला दिखाई पड़ता है और जो तारों का निर्माण कार्य की शुरूआत को गैस मंदाकिनी कहां जाता है पृथ्वी की भी एक मंदाकिनी है जिसको दुग्ध मेखला या आकाशगंगा के नाम से जाना जाता है अब तक इस मंदाकिनी का ज्ञात में 80% भाग सर पिल्ला है गैलेलियो ने सबसे पहले मंदाकिनी को देखा था
  • आकाश की सबसे पावस में मंदाकिनी देवयानी है

सौरमंडल के बारे में

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  • जो ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं जैसे धूमकेतु ग्रहों सुद्रग्रोहों उल्काओं और अन्य आकाशिय पिंडो के समूह को सौर मंडल कहा जाता है
  • प्लेनेमस सौरमंडल के बाहर एक जैसा देखने वाला Judwaa  पिंडो  का समूह है

सूर्य के बारे में

भारतीय इतिहास के बारे में जाने  

  • सूर्य को सौरमंडल का प्रधान कहा जाता है यह मंदाकिनी दुग्ध मेखला के बीच से लगभग 30000 प्रकाश वर्ष की दूरी पर एक हिस्से में स्थित है
  •  सूर्य एक गैस का गोला है जिसमें हाइड्रोजन 71% और हीलियम 26 पॉइंट 5% तथा अन्य तत्व 2 पॉइंट 5% होते हैं सूर्य के बीच का भाग क्रोड कहां जाता है सूर्य के बाहरी परत का तापमान 6000 डिग्री सेल्सियस रहता है



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  • सूर्य की दीप्तिमान सतह को प्रकाश मंडल कहा जाता है प्रकाश मंडल के सिरों पर प्रकाशमान नहीं होती परंतु सूर्य वायुमंडल प्रकाश का अवशोषण कर लेता है इसे वर्णमंडल कहते हैं इसका रंग लाल होता है
  • सूर्य ग्रहण के समय सूर्य के दिखाई देने वाले भाग को सूर्य किरीट कहते हैं सूर्य किरीट एक्स-रे उत्तेजित करता है इससे सूर्य का मुकुट भी कहा जाता है जब सूर्य ग्रहण लगता है सूर्य किरीट से प्रकाश की प्राप्ति होती है
  • हमें भविष्य में सूर्य द्वारा ऊर्जा देने का समय 10 की पावर 11 साल मानी गई है
  • सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में 8 मिनट 16 मिनट 6 सेकंड का समय लगता है
  • सूर्य के डब्बे का तापमान आसपास के तापमान से 1500 डिग्री सेल्सियस कम होता है सूर्य के तब्बू का एक चक्कर लगभग 22  वर्षों में पूरा होता है पहले 11 वर्षों में दब्बा बढ़ता है तथा बाद की 11 वर्षों में यह दब्बा घटता रहता है
  • सूर्य हमारी पृथ्वी से 13लाख  गुना बड़ा माना गया है तथा पृथ्वी को सूर्य का ताप 2 अरबवां हिस्सा मिलता है
  • ग्रहों की संख्या 8 है जिसका हम अपनी अगली पोस्ट में बताएंगे तो दोस्तो आज हमने हमारे ब्रह्मांड और पृथ्वी के बारे में कुछ बेसिक नॉलेज का अध्ययन किया आप हम से जुड़े रहिए हम आपको ऐसी मोटिवेशन करते रहेंगे धन्यवाद       
IN THIS POST I M WRITE IN SUN EARTH AND UNIVERSE HISTORY SO YOU LIKE THIS POST PLEASE THIS POST 


 HAVE NICE DAY

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